सच्चे दोस्त की पहचान
एक बार की बात है, एक छोटे से गाँव में दो अच्छे दोस्त — मोनू और सोनू रहते थे। दोनों हर दिन साथ स्कूल जाते, साथ खेलते और साथ ही घर लौटते।
एक दिन उन्होंने सोचा कि चलो जंगल घूमने चलते हैं। दोनों ने अपने-अपने घर से खाने का सामान लिया और जंगल की ओर निकल पड़े।
थोड़ी दूर जाने पर अचानक एक भालू उनकी ओर आता दिखाई दिया!
मोनू डर गया और तुरंत पास के पेड़ पर चढ़ गया, क्योंकि उसे चढ़ना आता था।
लेकिन सोनू को पेड़ पर चढ़ना नहीं आता था। उसने तुरंत ज़मीन पर लेटकर साँस रोक ली और ऐसे दिखाने लगा जैसे वह मर गया हो।
भालू उसके पास आया, उसे सूँघा, और फिर चला गया — क्योंकि भालू मरे हुए इंसान को नहीं खाता।
जब भालू चला गया, तो मोनू नीचे उतरा और हँसते हुए बोला,
“भालू तेरे कान में क्या कह रहा था?”
सोनू मुस्कुराया और बोला,
“भालू कह रहा था कि ऐसे दोस्त से दूर रहना, जो मुश्किल समय में तुम्हारे काम न आए।”
🌟 सीख (Moral):
सच्चा दोस्त वही होता है जो मुश्किल समय में साथ दे।
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