चतुर खरगोश और मोबाइल फोन
एक बार की बात है। एक खरगोश शहर के पास बने जंगल में रहता था। वह बहुत तेज़ और चालाक था।
एक दिन उसने देखा कि सारे जानवर मोबाइल फोन लेकर खेल रहे हैं — कोई गेम खेल रहा था, कोई वीडियो देख रहा था, तो कोई सोशल मीडिया पर फोटो डाल रहा था।
खरगोश ने सोचा,
> “अगर मैं भी मोबाइल ले लूँ, तो सब मुझसे जलेंगे!”
उसने मेहनत करके एक पुराना फोन खरीद लिया। अब वह सारा दिन उसी में लगा रहता — कभी वीडियो, कभी गेम, कभी चैटिंग।
धीरे-धीरे उसने खाना कम कर दिया, दौड़ना-भागना बंद कर दिया, और दोस्तों से भी बात करना छोड़ दिया।
एक दिन जंगल में दौड़ प्रतियोगिता हुई। पहले जहाँ खरगोश हमेशा जीतता था, इस बार वह थक गया और बीच में ही रुक गया।
सब जानवर बोले —
> “अब तो मोबाइल ने इसे सुस्त बना दिया!”
खरगोश को अपनी गलती समझ आ गई। उसने फोन केवल ज़रूरत के कामों के लिए इस्तेमाल करना शुरू किया और फिर से सबसे तेज़ बन गया।
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🧠 सीख (Moral):
> तकनीक अच्छी है, पर उसका अति प्रयोग बुरा है।
मोबाइल हमारे काम के लिए है, हम मोबाइल के नहीं।
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